मैं जो सोचता हूॅं, वो लिखता हूॅं । इस ब्लॉग के द्वारा आप से कुछ विचार बॉंटने की इच्छा रखता हूॅं। आपके कमेंट से कुछ सीखने की ललक हमेशा रहती है।
रविवार, 5 दिसंबर 2010
विद्यापति स्मृति पर्व समारोह
राति में विद्यापति स्मृति पर्व समारोह में गेल रहूँ ! दिल्ली स्थित जैतपुर गाम में हजारों मैथिल भाषा भाषी लोकनि अहि अवसर पर जुटल छलाह ! मुदा आकर्षणक केंद्र मिथिलाक विभूति गायक सब छलाह ! हिनकर सबके गीतक आनद लोक सब भोर तक लेलनि ! रामबाबू झा , कुञ्ज बिहारी , कुमकुम मिश्रा , हरिनाथ झा , विकास झा , माधव झा , अंजू झा , सुनील झा पवन सन सुरीला कंठक धनि अपन आवाजक एहन समां बंधलैत जे लोक सब नाच्बाक मजबूर भ गेलैथ ! मैथिल संघक तत्वावधान में संपन्न भेल अहि कार्यक्रमक उद्देश्य गम घर स बाहर रही रहल मैथिल सब के एकटा मंच पर ले लेबाक थिक !
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