सवांद में कमी शारीरिक नजदीकियों में भी एक दुरी का एहसास कराता है। और यही दूरिया बटवारे की दीवार खड़ी कर देती है । वो रिश्ता दो भाइयों का हो या फिर पति पत्नी का हो । दिल मिले न मिले सवांद आदान प्रदान होते रहना चाहिए । किसी भी रिश्ते को ऊंचाई तभी मिलती है जब रिश्तों में गर्माहट हो ।
कहते है कि जब शीशे पर धुल की पहली परत जमे उसे उसी समय साफ कर लेना चाहिए । ज्यों ज्यों देर होगी वो परत मोटी होती जाएगी । बाद में उसे साफ करने में ज्यादा मस्स्कत करनी पड़ेगी । हमारे रिश्ते भी कुछ इसी तरह के होते है । हमें कभी भी अपने अहंकार को रिश्तो के बिच नहीं आने देना चाहिए । अक्सर ये देखा गया है कि पहले आप तो पहले आप के चक्कर में बहुत रिश्ते टूट जाते है । मेरा तो ये मानना है कि अगर संबध कायम रखने के लिए हमें थोडा झुकना पड़े तो झुक जाना चाहिए ।मित्रों आप मानो या न मानो कर के देखना । इसके लिए आप अपने आप को धन्यवाद कहोगे । जो अपनी नजर में उठा रहता है , वो दुनिया की नजर में भी उठा रहता है, और जो अपनी नजर में गिर गया वो किसी की नजर में नहीं उठ सकता ।
आज कल की भागती दौडती जिन्दगी में कई घर ऐसे मिल जायेंगे जंहा सब कुछ होते हुए भी इन्सान खुश नहीं है । यकीन मानिये इसकी बड़ी वजह घर के सदस्यों के बिच बात चित नहीं होना है । आखिर इन्सान क्यों अपने आप में सिमटता जा रहा है ? क्यों अपनी दुनिया इन मशीनों मसलन मोबाईल , कंप्यूटर , टैब , लैपटॉप जैसे चीजो में उलझा कर के रखा है ? दोस्तों थोडा सा वक्त अपने और अपनों के लिए निकल कर देखो, सुकून मिलेगा । हर किसी को आपसे शिकायत नहीं होगी । आप लोगों के दिलो में राज करोगे । कम सुविधाओ में भी आराम की जिन्दगी जियोगो मेरे भाई ।
कहते है कि जब शीशे पर धुल की पहली परत जमे उसे उसी समय साफ कर लेना चाहिए । ज्यों ज्यों देर होगी वो परत मोटी होती जाएगी । बाद में उसे साफ करने में ज्यादा मस्स्कत करनी पड़ेगी । हमारे रिश्ते भी कुछ इसी तरह के होते है । हमें कभी भी अपने अहंकार को रिश्तो के बिच नहीं आने देना चाहिए । अक्सर ये देखा गया है कि पहले आप तो पहले आप के चक्कर में बहुत रिश्ते टूट जाते है । मेरा तो ये मानना है कि अगर संबध कायम रखने के लिए हमें थोडा झुकना पड़े तो झुक जाना चाहिए ।मित्रों आप मानो या न मानो कर के देखना । इसके लिए आप अपने आप को धन्यवाद कहोगे । जो अपनी नजर में उठा रहता है , वो दुनिया की नजर में भी उठा रहता है, और जो अपनी नजर में गिर गया वो किसी की नजर में नहीं उठ सकता ।
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