गुरुवार, 5 मार्च 2009

पाकिस्तान कि जमीन पर आतंक कि लहलहाती फसल ........

३ मार्च कि सुबह श्रीलंकाई खिलाडियो पर हुए आतंकी हमले को कई मायने में देखने कि जरुरत है ! पहला किसी भी देश के खिलाडियो पर इस तरह की यह पहली वारदात है ! दूसरा विदेशी खिलाडियो पर ही यह आक्रमण क्यों हुआ ! तीसरा इस घटना के बाद विश्व विरादरी में पाकिस्तान को देखने का नजरिये में किस तरह का बदलाव आयेगा ! सबसे अन्तिम और चोअथा यह की इस घटना को अंजाम देनेवाले वो हाथ कोन से है जो एक तीर से कई शिकार करना चाहते है !
क्रिकेट खिलाडिओं पर इस तरह की घटना की सिर्फ़ कल्पना ही की जा सकती थी ! लेकिन इस घटना ने उस कल्पना को भी मूर्त रूप दे दिया ! पाकिस्तानी क्रिकेट तो बर्बाद हुई ही साथ में जैसे भाईचारे का संदेश देने वाले इस खेल का भविष्य भी पाकिस्तान में फिलहाल तो खत्म होता दिख रहा है ! हलाकि इस गह्तना के बाद श्रीलंकाई खिलाडियो ने जो जिजीविषा दिखलाई वो सलाम करने योग्य है ! लेकिन इस सब के बीच जो सवाल बार बार कचोटता है वह यह की यह आक्रमण विदेशी खिलाडियो पर और पाकिस्तान में ही क्यों कि गई ! जाहिर सी बात है पाकिस्तान पुरे विश्व में आतंक का अड्डा बन चुका है , जहाँ कि लोकतान्त्रिक सरकार इसके आगे नतमस्तक है ! १६ फ़रवरी को स्वात घाटी में शरीअत कानून लागु करने के सरकारी समर्थन से इस बात कि पुष्टि होती है ! निश्चित तोर पर पाकिस्तान में लहलहा रही आतंक कि फसल से विश्व विरादरी चिंतित है ! विश्व विरादरी में यही चिंता पाकिस्तान में बैठे आतंक के उन आकाओं के लिए खुशी कि बात है , जिन्होंने इस गह्तन को अंजाम दिया है !
आई एस आई के पूर्व प्रमुख हामिद गुल भले ही अपने बयान में इस घटना के लिए भारतीय एजेंसी रा को जिम्मदार ठहराए लेकिन, सच्चाई यह है कि पाकिस्तानी फोअज द्वारा समर्थित इन आतंकवादियो के सहारे वंहा कि फोअजी ताकत एक बार फिर इतिहास दोहराने के को बेताब हो रही है ! इस उद्देश्य कि पूर्ति के लिए सबसे पहले तो सरकार और कानून व्यवस्था को नाकारा साबित करना होगा ! दूसरा देश के आर्थिक ढाचा को तोड़ना होगा ! और तीसरा विश्व विरादरी में पाकिस्तान के राजनयिक संबधों में खटास पैदा करना होगा ! और यह कहना नही पड़ेगा कि इस तरह के घटनाओ से ये सरे मनसूबे पुरे होते दिख रहे है !

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